भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) भारतीय सरकार द्वारा छात्रों की प्रतिभा की पहचान करने और भारतीय अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों का नेतृत्व करने के लिए प्रबंधकों का एक समूह बनाने के उद्देश्य से बनाया गया था। पचास से अधिक वर्षों के समय में आईआईएम उद्योग के साथ शिक्षण एवं अनुसंधान के लिए दुनिया के प्रमुख संस्थानों के रुप में पहचाने जाने लगे है।
भारत सरकार ने 2009 में आईआईएम उदयपुर के निर्माण को मंजूरी दी, संस्थान अधिकारिक तौर पर 2011 में शुरु हुआ। अक्टूबर 2016 में आईआईएम उदयपुर राजस्थान सरकार द्वारा आवंटित बलीचा क्षेत्र में 300 एकड़ में फैले अपने स्थायी परिसर में संचालित हुआ।
आईआईएमयू का उद्देश्य शिक्षण एवं अनुसंधान में उत्कृष्टता के साथ प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्र में एक नया मापदंड स्थापित करना है। यह संस्थान इस क्षेत्र में एक वास्तविक अंतर बनाने का प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में स्थानीय एनजीओ और सरकार के साथ मजबूत संबंधों को बनाने और लाइव प्रोजेक्ट्स, इंटर्नशिप, गैस्ट लैक्चर, संकाय अनुसंधान और पूरे शैक्षणिक वर्ष में कई इवेंट्स पर उद्योग के साथ मिलकर काम कर रहा है।
मेवाड़ रियासत की पूर्व राजधानी उदयपुर, वैनिस और प्राग जैसे सुंदरता और भव्यता की समान भावना को उजागर करती है। संस्कृति एवं इतिहास का यह संयोजन आईआईएम उदयपुर के लिए उत्तम पृष्ठभूमि है। पर्यावरण प्रबंधन के रुप में राजस्थान स्थित उदयपुर एक ऐसा स्थान है जहां आईआईएमयू विकसित होने की इच्छा रखता है। इस विरासत एवं संस्कृति के साथ आईआईएम उदयपुर वास्तव में एक ऐसा स्थान है जहां इतिहास भविष्य से मिलता है।
निम्नलिखित विशेषताएं हमारे सभी कार्यक्रमों और गतिविधियों को रेखांकित करती है।
आईआईएमयू छात्रों को उनकी उद्यमशीलता की महत्वाकांक्षाओं की पहचान कराने के लिए स्वतंत्रता और संस्थागत समर्थन प्रदान करता है। यह हमारे कार्यक्रमों के सभी पहलुओं में परिलक्षित है: पहले दिन उद्यमिता के लिए गहन अभिविन्यास, वैकल्पिक पाठ्यक्रम, कार्यक्रम के दौरान एवं बाद में सलाह, उद्यमिता को चुनने वाले छात्रों के लिए सुगम प्लेसमेंट विकल्प, सीड फंडिंग एवं इक्विटी कैपिटल के लिए सहायता प्रदान करता है।
यदि उद्यमतिा आपको उत्साहित करती है तो भारत से बेहतर कोई जगह नहीं है।
आईआईएम उदयपुर में सीखने की कोई सीमा नहीं है। वैश्विक परिप्रेक्ष्य में प्रवेश करने की पहल हमारी सभी गतिविधियों का एक अभिन्न हिस्सा है: दो साल के एमबीए में इंटरनेशनल बिजनेस इन प्रैक्टिस का विकल्प छात्रों को छोटी अवधि के लिए अंतरराष्ट्रीय स्थानों पर असाइनमेंट पर काम करने में सक्षम बनाता है। वहीं एक वर्षीय जीएससीएम कार्यक्रम छात्रों को परड्यू यूनिवर्सिटी में पूरे पांच महीने के सेमेस्टर को बिताने के बाद वैश्विक एससीएम में महारत हासिल करने का विकल्प प्रदान करता है। अन्य अवसरों में अंतरराष्ट्रीय छात्र विनियम कार्यक्रम एवं समर इंटर्नशिप शामिल है।
दुनिया भर में, एमबीए प्रोग्राम इस बात पर जोर दे रहे है कि सीखने की कला से ही इंसान को कामयाबी मिलती है। आईआईएमयू में यह अपरिहार्य विचार दर्शनशास्त्र का अनुवाद है - दूसरे शब्दों में छात्रों को वास्तविक जीवन के वातावरण का अनुभव कराना एवं सीखने की कला से रुबरु कराना है।
हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि छात्र यह समझें कि कैसे सिद्धांत सभी कार्यात्मक क्षेत्रों में अभ्यास को पूरा करते है। हम छात्रों को पूरे साल उद्योग के नेताओं के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए कई अवसर प्रदान करते है। ये केवल इंटरैक्शन इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट और कैस स्टडीज़ तक सीमित नहीं है। आईआईएमयू के छात्र भारत और विदेश के विशेषज्ञों, विचारकों एवं पीएचडी स्कॉलर्स को साथ लाने के लिए शिखर सम्मेलन एवं पैनल चर्चा आयोजित करते है। ऐसे कार्यक्रमों से छात्रों को भी प्रतिबद्ध और उत्साही उद्योग पेशेवरों द्वारा सलाह से लाभ होता है।